Machmani Ke Fayade । क्या क्या होते है मछ मणि के फायदे ।कहा मिलती है ये दुर्लभ मछ मणि

नमस्कार बात करेंगे आज एक विशेष दुर्लभ वस्तु पर और उसके प्रयोग पर और उसके फायदे पर । ये दुर्लभ वस्तु बहुत ही कम लोगों को इसके बारे में जानकारी होती है परंतु जिसके पास ये आ जाती है उसका भाग्य खुल जाता है उसकी सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं । कहते हैं कि । ये वस्तु कलियुग में रामबाण है । कम मिलने की वजह से ज्यादा इसका परिचालन नहीं होता लेकिन में हमारे पुराने शास्त्रों में इसका वर्णन मिलता है । इसके बारे में मैं आपके साथ चर्चा करूं । मित्रों ये दुर्लभ वस्तु है मध्य मणि । कहते हैं । इस मणि को मछली से प्राप्त किया जाता है । । इसे बहुत ही शुभ माना जाता है । अगर आपके पास धन का अभाव हो बिजनेस में आपकी ग्रोथ न हो रही हो । आपके बच्चे पर बार बार बुरी नजर पड़ रही हो या आप घर में परेशानियों से घिरे हों वास्तु दोष हो और सबसे बड़ा अगर आप पर राहु की महादशा चल रही हो तो आप इसे धारण करते ही चमत्कारी रूप से इसका परिणाम शुभ दिखेंगे । मित्रों राहू की महादशा के लिए आपको इसे धारण करना चाहिए । इसके लिए आपको मध्य मणि पहले प्राप्त करनी है जोकि हमारे पास है । लैब से टेस्टेड है और पूरी प्रमाणिकता के साथ हम आपके पास पहुँचाते हैं । अगर आप पर राहू की महादशा चल रही है तो आप इसे पहले रात को समुद्री नमक में भिगो करके रख दें और सुबह दूसरे दिन धोकर के कच्चे दूध और गंगा जल में धोकर के आपको इसे राहू के महामंत्र ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम का 108 बार जाप करके पहले इसे शुद्ध कर लें और फिर इसे धारण कर लें और बाद में गाय को हर रोज गुड़ और रोटी खिलाएं । इससे मच मणि का और ज्यादा महत्व बढ़ जाता है प्रभाव बढ़ जाता है । ये बहुत ही काम की है । जिन लोगों को राहू के कारण शरीर में परेशानियां आ रही हैं राहू के कारण बेमतलब का मानसिक दोष आ रहा है राहू के कारण काम में अड़चन आ रही है । विदेश यात्रा में अड़चन आ रही है । उन लोगों के लिए रामबाण औषधि है ये एक तरक्की के साथ साथ यदि आपको ऊपरी बाधा हो नजर हो । व्यापार में रुकावट हो तो रात को गंगा जल में आप इसे डुबो कर रख दें और सुबह कच्चे दूध और शहद में मिलाकर की धोयें और फिर आप इसे हनुमानजी के चरणों में रखकर उनसे आ रही प्रार्थना करेंगी जो हमारे से परेशानियां आ रही हैं आप इन्हें दूर करें और वहीं बैठकर 108 बार ओम् हनुमते नमः का जाप करते हुए आप इसे धारण करें । आपको बहुत ही लाभ होगा । इसके साथ साथ यदि आपके घर में वास्तु दोष है तो इस मध्य मनी का बहुत प्रयोग किया जा सकता है । मच मनी से रात को आप कच्चे दूध गंगाजल में इसे रखें और दूसरे दिन शिव मंदिर में जाकर के आप इस मणि को भगवान शिवलिंग पर रखकर उसका अभिषेक कर ले और फिर आकर के मुख्य द्वार पर इसे टांग दें । आपके घर में वास्तुदोष समाप्त हो जाएंगे । आपको किसी भी तरह की समस्या है तो इस मच मणि चमत्कारी मछली से आपको बहुत लाभ होने वाला है । मित्रो मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों को बहुत कष्ट हैं जिन लोगों को बार बार नजर लगती है बच्चों की सुरक्षा के लिए राहु की महादशा के लिए या किसी भी प्रकार की समस्या विशेष करके जो बच्चे पढ़ाई के बल पर विदेश में जाना चाहते हैं और उनको बार बार अड़चन आ रही है उनके लिए तो ये बहुत बहुत बहुत ही ज्यादा कारगर है ये बहुत दुर्लभ है BuyNow मच्छ मणि का उल्लेख वाल्मीकि रामायण के 621 वे अध्याय में आया है कि कैसे श्री हनुमान जी के पसीने से एक मच्छी गर्भवती हुई जिससे कि उसको मकरध्वज नामक पुत्र हुआ। मच्छ मणि के बारे में जितना गुण गान लिखे कम है इसका बेस्ट रिजल्ट वही अनुभव कर सकता है जो इसको धारण करे। नमस्कार दोस्तों मै आज मै आप से कुछ स्वाल करना चाहता हु आप लोग ये मानते है कि श्रि भगवत गीता.. रामायण मे जो लिखा है वो सच है…. ये नवग्रह जो हमारि पृथ्वी को चला रहे हैं वो सच है….. आप लोग मानते हैं कि ये उप रत्न हम लोगो को पहनाते हैं उनके फायदे के लिए वो सच है….. तो यह भी सच है कि हनुमानजी का एक पुत्रभी है जिन्हें मकरधवज के नाम से जाना जाता है और उसने एक मछली के गर्व से जन्म लिया था और वो मछली ही नहीं वो एक मॉ भी थी इसी लिये उन्होंने अपने बेटे की रक्षा करने के लिए अपने सरका पथर निकाल कर अपने बेटे के हाथ में दे दिया आप लोगों को बताना चाहुंगा कि मकरधवज का जन्म राहु काल में हुआ था तभी श्री राम ने कहा कि ये मछमणि कलयुग में राहु की दशा और लोगो कि बिमारीयो मे काम आएगी और इसी जाति की सभि मछलियों मेसे पाई जाएगी तभी मै कहता हूँ कि ये मछ मणि भी सच है इसके बारे मे रामायण में भी लिखा है विस्तार से पड़िये जानकारी जरूर मिलेगी कैसे हो मुक्ति राहु की अशुभ महादशा से अंतर्दशा से प्रत्यंतर दशा से? राहु कितना भी शुभ या उच्च का ही क्यो न हो कुंडली मे यह एकतिहाई तो अशुभ फल अवश्य देता है वही एक तिहाई अशुभ फल जीवन को झँकझकोर कर रख देता है, राहु चाहे तो आसमान की बुलंदियों पर पहुचा दे राहु चाहे तो अर्श से फर्श पर फेख दे। राहु जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है और जब लेने पर आए तो कुछ भी नही छोड़ता राहु ही ऐसा ग्रह है जिसकी 2 प्रकार से पूजा होती है 1-सात्विक 2-तामसिक मच्छ मणि एक ऐसी मणि है जिसको धारण करने के बाद राहु के अशुभ फल नगण्य हो जाते है।जो ज्योतिष में रुचि रख ज्योतिष बनना चाहता हो , ओर जो राजनीति में छा जाना चाहता हो,जो ग्रह क्लेश से पीड़ित हो, जिन पति पत्नी में दूरियां हो,जिसको पेरोनॉर्मल (भूत-प्रेत व पिसाच की पीड़ा ) हो जो अज्ञात भय में जी रहा हो जिसको ऐसी बीमारी हो जो कि डॉक्टर की पकड़ से ही बाहर हो, काल सर्प योग,ग्रहण योग, चांडाल योग, ऐसे व्यक्तियों को मच्छ मणि अवश्य शक्तिपात कर चांदी की रिंग में, धारण करना चाहिए। मच्छ मणि के बारे में जितना गुण गान लिखे कम है इसका बेस्ट रिजल्ट वही अनुभव कर सकता है जो इसको धारण करे।

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